इन वजह के कारण UC Browser को Google ने Play Store से हटाया

UC Browser एप्लिकेशन को अचानक से google ने Play Store से हटा दिया है। UC Browser भारत में छठा सबसे अधिक डाउनलो​ड किया जाने वाला एप्लिकेशन है और पिछले ही दिनों UC Browser ने Google पर 50 करोड़ डाउनलोड पूरे किए थे। बता दें कि Google Play Store पर UC Browser सर्च करने पर आपको वहां केवल UC Browser Mini का ही आॅप्शन मिलेगा।

UC Browser को UC Web द्वारा डेवलप किया गया है जो कि चीन के अलीबाबा ग्रुप का हिस्सा है। UC Browser पिछले साल दावा किया गया था कि भारत और इंडोनेशिया में उसके 10 करोड़ से अधिक मासिक एक्टिव यूजर्स हैं। ऐसे यह सबसे अधिक चौकांने वाली बात है कि बढ़ती लोकप्रियता और डाउनलोड के बावजूद अचानक से UC Browser को Google Play Store से क्यों हटाया गया।

कुछ जानकारी के अनुसार UC Browser को चीन को संवेदनशील डाटा भेजते हुए पाया गया था और यही कारण है कि UC Browser को Google Play Store से अचानक से ​हटा दिया गया। यह भी जानकारी मिली है कि आक्रामक और घृणित वायरस विज्ञापनों को वे लंबे समय तक चलाने की वजह से UC Browser को Google Play Store से हटाया गया है।

इससे पहले अगस्त में भारतीय यूजर्स के mobile डाटा लीक करने के मामले में सरकार ने UC Browser की जांच करनी शुरू की थी। इसको लेकर IT मंत्रालय में एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा था कि UC Browser के खिलाफ शिकायतें हैं कि यह अपने भारतीय यूजर्स का mobile डाटा चीन स्थित सर्वर को भेजता है। ऐसी भी शिकायतें हैं कि अगर यूजर UC Browser को अनइंस्टाल कर देता है या ब्राउजिंग डाटा मिटा भी देता है, तो बावजूद इसके यूजर के डिवाइस के DNS पर इसका कंट्रोल रहता है। अधिकारी ने कहा कि अगर इस ब्राउजर पर लगे आरोपों की पुष्टि हो जाती है तो देश में इसे प्रतिबंधित किया जा सकता है।

UC Browser अतीत में डाटा सुरक्षा चिंताओं के बारे में जांच के अंतर्गत आ गया है। 2015 में, कनाडाई शोधकर्ताओं ने दावा किया कि UC Browser के चीनी और अंग्रेजी भाषा के संस्करण ‘थर्ड पार्टी के लिए स्थान, सर्च विवरण, मोबाइल ग्राहक और डिवाइस नंबर जैसी व्यक्तिगत रूप से पहचान योग्य जानकारी के लिए आसानी से उपलब्ध कराए गए।’

UC Browser के अप्रत्याशित लापता होने वाले कई posters पोस्टर यह सोचते हैं कि हालिया आरोपों में UC Browser को दोषी माना गया है, और इसीलिए इस भारत में प्रतिबंध किया जा सकता है। वर्तमान में इन सब संदेहों की पुष्टि करने या इनकार करने का कोई प्रमाण नहीं है और इस विषय पर अभी तक Google और UCWEB दोनों ने कोई टिप्पणी नहीं की है। UCWEB ने पहले किसी भी तरह से गलत आरोपों से इनकार कर चुका है, जिसमें कहा गया है कि यह “हम उपयोगकर्ताओं के विश्वास को तोड़ने के लिए कुछ भी नहीं करेंगे” और यह “सुरक्षा और गोपनीयता को बहुत गंभीरता से लेता है।”


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