व्हाट्सएप को इस emoji के कारण मिला लीगल नोटिस

आज के समय में मैसेज में बात करना mobile पर बात करने से आसान और समय की बचत का एक बेहतर ऑप्शन बन है। इसी के चलते आज के समय में मोबाइल फोन उपभोक्ता चैट करते समय शब्दों के साथ-साथ अपने व्यवाहर को दर्शाने के लिए emoji का सहारा लेते हैं। लेकिन, लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Whatsapp पर मौजूद एक emoji को लेकर कंपनी को लीगल नोटिस मिला है।

एक खबर के अनुसार गुरमीत सिंह नाम के एक एडवोकेट ने मोबइल मैसेजिंग App Whatsapp को 15 दिन में मिडल फिंगर वाली emoji हटाने के लिए लीगल नोटिस भेजा है। गुरमीत सिंह दिल्ली कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे हैं। उनका कहना है कि मिडल फिंगर emoji गैरकानूनी ही नहीं है, बल्कि अश्लील इशारा करती है जो कि भारत में अपराध है।

Whatsapp को भेजे गए नोटिस में गुरमित सिंह का कहना है कि मिडल फिंगर दिखाना अश्लील और गलत इशारा है। भारतीय दंड संहिता धारा 354 और 509 के अनुसार, महिलाओं को अश्लील, अशिष्ट, आक्रामक इशारे दिखाना एक अपराध है। किसी भी व्यक्ति द्वारा एक अश्लील, आक्रामक, अश्लील इशारे का उपयोग करना पूरी तरह से अवैध है। इसी कराण वकील गुरमीत सिंह ने वॉट्सएप से इस emoji को हटाने के लिए 15 दिन का समय दिया है।

बता दें कि हाल ही में आई खबर के अनुसार इंस्टेंट मैसेजिंग App Whatsapp ग्रुप एडमिनिस्ट्रेटर को और अधिकार देने की योजना बना रहा है। इस अधिकार के बाद ग्रुप एडमिन चाहे, तो वह ग्रुप के सदस्यों को ग्रुप में संदेश, फोटो, वीडियो, जीआईएफ, फाइल और वॉयस मैसेजेज पोस्ट करने से रोक सकेगा। WeBetaInfo के मुताबिक, Whatsapp ने Google play बीटा प्रोग्राम पर वर्शन 2.17.430 में ‘प्रतिबंधित समूह’ फीचर्स दिया है।

इस सेटिंग को केवल ग्रुप एडमिन ही ठीक कर पाएगा। इसके बाद एडमिन तो ग्रुप में सामान्य तरीके से फोटो, वीडियो, चैट और अन्य चीजें भेज सकते हैं, लेकिन अन्य सदस्यों को ऐसा करने से रोक सकते हैं। इस फीचर को पहली बार एंड्राइड पर देखा गया है। एक बार अगर नॉन-एडमिन यूजर के लिए चैट डिसेबल हो गई तो वह फिर ग्रुप में आने वाले मैसेज सिर्फ पढ़ पाएगा।


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